इ कॉमर्स कंपनियों को कारोबार करने की अनुमति पर पुनः विचार किया जाए,,. ,बंसल

सरकार ने जहां लोक डाउन के चलते खुदरा व्यापारियों की दुकाने बंद करने का ठोस निर्णय लिया है वही दूसरी ओर लॉकडाउन के दौरान विदेशी स्वामित्व वाले इ कॉमर्स कंपनियों को20 अप्रैल से कारोबार  करने की अनुमति प्रदान की है जिसपर हमारी बातचित गौतमबुद्ध नगर से व्यापार मंडल के ज़िला अध्यक्ष पवन बंसल से हुई जिन्होंने बताया कि विदेशी स्वामित्व वाले इ कॉमर्स कंपनियों को कारोबार  करने की अनुमति देने  के  सम्बन्ध में फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया व्यापार मंडल द्वारा अपना विरोध प्रकट कि या गया है और  पीयूष गोयल  , केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री 
भारत सरकार से अनुरोध किया गया है कि 20  अप्रैल इ कॉमर्स कंपनियों को कारोबार  करने की अनुमति पर पुनः विचार किया जाए और कोरोना संक्रमण में एक योद्धा की भांति सेवारत देशी खुदरा व्यापारियों को ग्रीन जोन में अपनी अपनी दुकाने खोलने की अनुमति प्रदान की जाए ।
पीयूष गोयल को भेजे पत्र में फेडरेशन ने उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री  को अवगत कराया COVID-19  के उपरांत लॉक डाउन को सफल बनाने में राष्ट्र के खुदरा व्यापारियों का अभूतपूर्व योगदान रहा है और एक योद्धा की भांति 130  करोड़ की जनता को खान पान की आवश्यक वस्तुए प्रदान कर अपने राष्ट्र धर्म का पालन किया है । अन्य गैर जरुरी वस्तुए वाले व्यापारी भी लॉक डाउन के दौरान वंचित वर्ग को लगातार भोजन इत्यादि की व्यवस्था में लिप्त रहे है और अपने राष्ट्र धर्म का निर्वाह करते रहे है ।  आज जब अमेरिका जैसे विकसित राष्ट्र की अर्थव्यवस्था चरमरा उठी है वही भारत में 44  करोड़  रोज़गार देने वाला असंगठित वर्ग ने  भारत की अर्थव्यवस्था का भार अपने कंधो पर रखा हुआ है ।
बड़ा खेद का विषय है कि सरकार द्वारा अपने घरेलु खुदरा व्यापारियों के हितो को अनदेखा कर  विदेशी स्वामित्व वाले इ कॉमर्स कंपनियों को 20  अप्रैल से गैर आवश्यक वस्तुओ को ऑनलाइन  के माध्यम से  विक्रय करने की अनुमति प्रदान कर दी है । घरेलु खुदरा व्यापारियों , जो अर्थव्यवस्था की सुस्ती के चलते , फिर कोरोना के उपरांत हुऐ #lockdown , और बंद व्यापार में वेतन , बिजली एवं अन्य खर्च वहन करने के कारण  पहले से ही संकटग्रस्त था , सरकार के इस कदम से मरणासन्न अवस्था में पहुंच जाएगा ।
कोरोना संक्रमण को ज्यादा फैलाव रोकने में  सिर्फ स्थानीय दूकानदार ही सक्षम है क्यूंकि वह अपने यहाँ आने वाले प्रत्येक ग्राहक से पूर्ण परिचित रहता है , जबकि इ कॉमर्स वाले सदैब अनजान व्यक्ति से लेनदेन करते है और #कोरोना संक्रमण को फैला सकते है ,जैसे पिज़्ज़ा डिलीवरी बॉय के कारण 74  लोग #कोरोना संक्रमण के शिकार हो गए ।
आगामी गर्मी के सीजन के चलते, एयर कंडीशनर , कूलर ,फ्रीज़ ,पंखे , रेडीमेड गारमेंट्स , मोबाइल , लैपटॉप  और अन्य सामान  वाले व्यापारियों ने पुरे सीजन का स्टॉक खरीद कर अपने गोदाम में रख लिया है, जिसे वह lockdown के चलते बेच नहीं पा रहे है । यदि इ कॉमर्स वालो ने लॉक डाउन के दौरान यह सब सामान बेच दिया , खुदरा व्यापारी पूर्ण रूप से बर्बाद हो जाएगा । 
सरकार का आदेश है कि लॉक डाउन के दौरान अपने कर्मचारियों  को पूर्ण वेतन दे , किराया दे , सभी करो का भुगतान करे , बिजली ,पानी का बिल भुगतान करे , तो इन सब के लिए धन की व्यवस्था तभी संभव है ,जब व्यापार चले और धन प्राप्ति हो । राष्ट्र हित में सभी प्रकार के  खुदरा व्यापार का चलना अति आवश्यक है ।इस लिए भारत सरकार से अनुरोध करता हु कि विदेशी स्वामित्व वाले इ कॉमर्स को अगलेकुछ माह तक किसी भी प्रकार के कारोबार की अनुमति प्रदान ना की जाए और राष्ट्र के अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता एवं युवाओ के रोज़गार सुनिश्चित करने हेतु स्थानीय दुकानदारों , ग्रीन जोन के अंतर्गत कार्यरत , को प्राथमिकता एवं आवश्यक सुविधा प्रदान की जाए जिससे वह कोरोना के संक्रमण को रोकते हुऐ राष्ट्र के आर्थिक  चक्र को पुन:जीवित कर सके ।