जी हा घृणित और शर्मनाक घटना.. महाराष्ट्र के पालघर से सामने आयी है।।
यह घटना महाराष्ट्र के जनपद पालघर के आठ नंबर हाईवे स्थित कासा_पुलिस स्टेशन के नजदीक गडचिंचोले गांव की है। यह क्षेत्र कम्युनिस्टों का कहा जाता है। यहां के आदिवासियों द्वारा दो सन्यासी और उनके वाहन चालक की पुलिस की मौजूदगी में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.
पुलिस_द्वारा बचाने के प्रयास के बावजूद उन्मादी भीड़ ने दोनों सन्यासी तथा उनके चालक को पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया गया।सुत्तरो से पता चला हैजूना अखाड़ा 13 मडी मिर्जापुर परिवार के एक संन्त गुजरात में वेरावल के पास ब्रह्मलीन हो गए, अचानक से परीवार के कुछ सन्तों को वहां बुलाया गया ताकि महात्मा की समाधि लगाई जा सके,, दो सन्त नासिक महाराष्ट्र से भी वहां पहुंचे हुए थे समाधि लगाने के लिए, समाधि लगाने के बाद दोनों सन्त दोपहर के बाद अपने ड्राइवर के साथ वापस नासिक की ओर लौट रहे थे,, अचानक ही उनकी गाड़ी पालघर थाना इलाके ने एंट्री होते ही, रोड पर अकेले देखते हुए कुछ पालघर थाने के पुलिसकर्मियों ने रोका,ड्राइवर के साथ दोनों संतों को भी गाड़ी से बाहर निकलने को बोला और उन लोगों को पुलिस वालों ने, रोड के बीच में बैठा दिया,, वहां गांव के कुछ सदस्य अचानक ही सब इकट्ठे हो गए भीड़ को बेकाबू होता देख उन दोनों सन्तों और ड्राइवर को, पुलिस वालों ने गांव वालों के हवाले कर दिया,, गांव वालों ने, पुलिस वालों के सामने, डंडे और पत्थरों से मार-मार कर दोनों सन्तों और ड्राइवर की भी हत्या कर दी,,बाद में पुलिस द्वारा हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है आगे की कार्यवाही कर गिरफ्तारी की जा रही है।